श्राद्ध में मातृ नवमी का क्या महत्व- जाने?

पितृ पक्ष में मातृ नवमी का विशेष महत्व है। हर वर्ष आश्विन मास में कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को मातृ नवमी होती है, इस दिन उन सभी महिलाओं की पूजा की जाती है, जिनका निधन हो चुका है। मातृ नवमी आज सोमवार को है। इस दिन माता, दादी, नानी आदि का श्राद्ध किया जाता है, जिससे वे तृप्त होकर आशीष देती हैं और श्राद्ध करने वाले व्यक्ति की सभी मनोकानाएं पूरी होती हैं। परिवार में धन-धान्य, ऐश्वर्य बना रहता है और परिजनों को जीवन में तरक्की मिलती है।

आपको बता दे कि पितृ पक्ष के मातृ नवमी को सौभाग्यवती नवमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन घर की महिलाओं को व्रत रखना चाहिए। व्रत के साथ इस दिन ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए। इससे मातृ शक्ति प्रसन्न होती हैं और उनकी कृपा परिवार पर हमेशा बनी रहती है।

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